International, UPSC

International, UPSC

भारत–सेशेल्स संबंध (India–Seychelles Relations)

28 Jun 2026 Zinkpot — We Inform, You Perform.

भारत–सेशेल्स संबंध (India–Seychelles Relations): 

1. भूमिका (Introduction)

भारत और सेशेल्स के संबंध हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) की रणनीतिक राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। सेशेल्स एक छोटा द्वीपीय देश है, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों के केंद्र में स्थापित करती है। यह देश पूर्वी अफ्रीका के पास, मेडागास्कर के उत्तर-पूर्व में स्थित है और प्रमुख Sea Lines of Communication (SLOCs) के निकट है।

भारत की विदेश नीति में हिंद महासागर क्षेत्र को “सुरक्षा और विकास” (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) का केंद्र माना गया है। इस संदर्भ में सेशेल्स भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है।


2. भू-रणनीतिक महत्व (Geostrategic Importance of Seychelles)

सेशेल्स का महत्व इसके छोटे आकार के बावजूद अत्यधिक है। इसके प्रमुख कारण हैं:

(i) महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर स्थिति
सेशेल्स उन समुद्री मार्गों के पास स्थित है जिनसे होकर मध्य पूर्व का तेल, अफ्रीका और एशिया के बीच व्यापार होता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इन मार्गों से गुजरता है।

(ii) विस्तृत Exclusive Economic Zone (EEZ)
सेशेल्स का EEZ लगभग 1.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर से अधिक है, जो इसके भूमि क्षेत्र से कई गुना बड़ा है। यह क्षेत्र मछली संसाधनों, समुद्री ऊर्जा और रणनीतिक निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है।

(iii) हिंद महासागर में निगरानी केंद्र
यह क्षेत्र समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने (Illegal Fishing) और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों के लिए संवेदनशील है।


3. भारत की हिंद महासागर रणनीति (India’s IOR Strategy)

भारत ने हिंद महासागर को अपनी विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ बनाया है। इसके अंतर्गत दो प्रमुख रणनीतिक दृष्टिकोण सामने आते हैं:

(A) SAGAR दृष्टिकोण

भारत की SAGAR नीति का उद्देश्य है:

  • क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाना
  • समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • आर्थिक विकास को बढ़ावा देना
  • आपदा राहत में सहयोग करना

(B) “Necklace of Diamonds” रणनीति

यह एक रणनीतिक अवधारणा है जिसके तहत भारत हिंद महासागर में मित्र देशों और ठिकानों का नेटवर्क बनाकर अपनी समुद्री उपस्थिति मजबूत करता है। इसमें शामिल हैं:

  • सेशेल्स
  • मॉरीशस
  • मालदीव
  • श्रीलंका
  • मेडागास्कर

इसका उद्देश्य चीन की कथित “String of Pearls” रणनीति का संतुलन बनाना है।


4. चीन का प्रभाव और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा (China Factor)

हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति भारत के लिए एक रणनीतिक चुनौती है। चीन:

  • बंदरगाहों का विकास कर रहा है
  • नौसैनिक उपस्थिति बढ़ा रहा है
  • आर्थिक निवेश के माध्यम से प्रभाव बढ़ा रहा है

इससे भारत को “स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स” रणनीति के रूप में एक संभावित रणनीतिक घेराव (encirclement) की चिंता है।

सेशेल्स जैसे देश इस प्रतिस्पर्धा में संतुलन की भूमिका निभाते हैं, जहां भारत सहयोग के माध्यम से अपनी स्थिति मजबूत करता है।


5. भारत–सेशेल्स रक्षा और सुरक्षा सहयोग (Defence & Security Cooperation)

भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग अत्यंत मजबूत है:

(i) तटीय निगरानी प्रणाली
भारत ने सेशेल्स में रडार नेटवर्क स्थापित करने में मदद की है, जिससे समुद्री गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।

(ii) नौसैनिक सहयोग
भारत ने सेशेल्स को गश्ती जहाज (patrol vessels) और तकनीकी सहायता प्रदान की है।

(iii) एंटी-पाइरेसी ऑपरेशन
हिंद महासागर में समुद्री डकैती को रोकने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाते हैं।

(iv) प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
भारतीय रक्षा बल सेशेल्स के सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।


6. आर्थिक और विकास सहयोग (Economic Cooperation)

हालांकि सेशेल्स एक छोटा देश है, फिर भी भारत के लिए इसके साथ आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण है:

  • पर्यटन और निवेश सहयोग
  • ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) में साझेदारी
  • मत्स्य संसाधनों का सतत उपयोग
  • डिजिटल और तकनीकी सहयोग

भारत सेशेल्स को विकास सहायता (Development Assistance) भी प्रदान करता है।


7. आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता (HADR Cooperation)

भारत की विदेश नीति में Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) एक महत्वपूर्ण घटक है। सेशेल्स के साथ सहयोग में:

  • प्राकृतिक आपदाओं के समय सहायता
  • चिकित्सा सहायता
  • राहत सामग्री की आपूर्ति
    शामिल है।

8. समुद्री सुरक्षा और वैश्विक महत्व (Maritime Security)

हिंद महासागर वैश्विक व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। यहाँ से:

  • वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग संचालित होते हैं

इसलिए सेशेल्स जैसे देशों का सहयोग:

  • समुद्री स्थिरता
  • सुरक्षित व्यापार मार्ग
  • वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा
    के लिए आवश्यक है।

9. चुनौतियाँ (Challenges in India–Seychelles Relations)

हालांकि संबंध मजबूत हैं, फिर भी कुछ चुनौतियाँ मौजूद हैं:

  • चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्य उपस्थिति
  • सीमित संसाधन वाले छोटे द्वीपीय देशों की निर्भरता
  • समुद्री सुरक्षा में तकनीकी और वित्तीय सीमाएँ
  • क्षेत्रीय भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा

10. भारत के लिए महत्व (Significance for India)

सेशेल्स भारत के लिए निम्न कारणों से महत्वपूर्ण है:

  • हिंद महासागर में रणनीतिक उपस्थिति
  • समुद्री सुरक्षा का विस्तार
  • चीन के प्रभाव का संतुलन
  • SAGAR नीति का क्रियान्वयन
  • ऊर्जा और व्यापार मार्गों की सुरक्षा

11. आगे की राह (Way Forward)

भारत–सेशेल्स संबंधों को और मजबूत करने के लिए:

  • ब्लू इकॉनमी सहयोग को बढ़ावा देना
  • डिजिटल और समुद्री तकनीक साझा करना
  • संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाना
  • क्षेत्रीय संस्थानों में सहयोग मजबूत करना
  • पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर साझेदारी

12. निष्कर्ष (Conclusion)

भारत–सेशेल्स संबंध हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक उपस्थिति को मजबूत करते हैं। यह संबंध केवल द्विपक्षीय नहीं बल्कि व्यापक हिंद महासागर सुरक्षा संरचना का हिस्सा हैं। सेशेल्स जैसे छोटे लेकिन रणनीतिक देशों के साथ साझेदारी भारत की “SAGAR” नीति और वैश्विक समुद्री शक्ति बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रकार, यह संबंध क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ASK YOUR QUESTION
अपना प्रश्न पूछें